छोटे किसानों और उद्यमियों को योगी सरकार का तोहफा, राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी

SHARE:

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में पशुपालन को किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनाने के लिए योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट ने राज्य पशुधन मिशन (एसएलएम) को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य पशुधन अर्थव्यवस्था को संगठित कर आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और वैश्विक व्यापार से जोड़ना है। मिशन में विशेष रूप से लघु एवं सीमांत किसानों और उद्यमियों पर ध्यान दिया जाएगा।

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पशुधन वाला राज्य है और दुग्ध उत्पादन में पहले स्थान पर है। अब उत्पादकता, बाजार व्यवस्था, मूल्य संवर्धन और डिजिटल प्रबंधन को मिशन के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्नत नस्लों से बढ़ेगी उत्पादकता
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में पहली बार राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी दी गई है। साहीवाल, देसी और हरियाणवी जैसी उन्नत नस्लों के विकास और नस्ल सुधार पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही एक उन्नत गाय के लिए 40 हजार रुपये और दो के लिए 80 हजार रुपये अनुदान का प्रावधान है। बकरी, भेड़, शूकर और मुर्गी पालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों को सौ-सौ चूजे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

पांच उप-मिशनों से बढ़ेगी उद्यमिता
पशुधन मंत्री ने बताया कि उद्यमिता को पांच उप-मिशन के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें पशुधन उद्यमिता एवं स्टार्टअप विकास, पशुधन एवं पोल्ट्री नस्ल विकास, नवाचार एवं डिजिटल लाइवस्टॉक, चारा एवं आहार विकास तथा अनुसंधान, वैश्वीकरण एवं ज्ञान प्रणाली विकास शामिल हैं। इनके माध्यम से लाइवस्टॉक स्टार्टअप्स, चारा उत्पादन, मूल्य संवर्धन, उत्पादक संगठनों और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा। एआई, डिजिटल ट्रेसबिलिटी और जलवायु अनुकूल तकनीकों से पशुधन उत्पादों की गुणवत्ता तथा बाजार पहुंच बढ़ाने पर जोर रहेगा। प्रशिक्षण से पशुपालकों का कौशल विकास भी किया जाएगा।

सीधे खाते में पहुंचेगा अनुदान
उन्होंने बताया कि यह राज्य वित्तपोषित योजना है। निर्धारित माइलस्टोन पूरे होने, स्क्रीनिंग समिति की प्रक्रिया और पीएसी की स्वीकृति के बाद चयनित परियोजनाओं का अनुदान सीधे लाभार्थियों के खातों में जाएगा। अवसंरचना निर्माण और सेवाओं के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

1
Default choosing

Did you like our plugin?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य

शहर चुनें