लखनऊ
आईची-नागोया में एशिया में खेलों में एशिया का सिरमौर बनने के लिए जोर-आजमाइश शुरू हो गई है। भारतीय दल में करीब दो दर्जन खिलाड़ी उत्तर प्रदेश से भी हैं। राज्य के खिलाड़ी अपना पिछला रिकार्ड पीछे छोड़ने की चाह लिए एशियाई खेलों में पहुंचे हैं। पिछले यानी हांगझोऊ एशियाई खेल में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने कुल सात स्वर्ण समेत 24 पदक जीते थे। इस बार और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
पारुल चौधरी
पिछले एशियाई खेलों में उत्तर प्रदेश के 39 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इस बार करीब दो दर्जन खिलाड़ी हैं। पदक की सबसे बड़ी आस मेरठ की एथलीट पारुल चौधरी हैं। उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में दो स्पर्धाओं में हिस्सा लिया था और एक में स्वर्ण और एक में रजत पदक जीते थे। इस बार वह तीन स्पर्धाओं यानी 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर दौड़ में हिस्सा लेंगी। वह 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज में एशिया की सर्वश्रेष्ठ एथलीट हैं। उन्हें दो स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
गुलवीर सिंह
गुलवीर सिंह लंबी दूरी की दौड़ में एशिया के सर्वश्रेष्ठ एथलीट हैं। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल में उन्होंने एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। पिछले एशियाई खेलों में उन्होंने 10000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। इस बार गुलवीर तीन स्पर्धाओं यानी 1500 मीटर, 5000 मीटर और 10000 मीटर की दौड़ में हिस्सा लेंगे। तीनों में उनसे पदक की उम्मीद है। 10000 मीटर दौड़ में उनका स्वर्ण अभी से पक्का माना जा रहा है।
इनके अलावा एथलेटिक्स में जैवलिन थ्रोअर रोहित यादव, लांग जंपर शैली सिंह और हैमर थ्रो की सबसे युवा राष्ट्रीय रिकार्डधारी अस्मिता यादव भी पदक के दावेदार हैं। प्राची चौधरी 400 मीटर और 4 गुणा 400 मीटर रिले में हिस्सा लेंगी। इसमें रिले में उनसे पदक की पूरी उम्मीद है।
राजकुमार पाल
पेरिस ओलिंपिक के कांस्य पदक विजेता राजकुमार पाल से पदक की पूरी उम्मीद है। हाकी टीम पिइछले एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता है। इस बार भी उसे स्वर्ण का दावेदार माना जा रहा है।
दीप्ति शर्मा और विप्रज निगम
पिछले एशियाई खेलों इस बार भारतीय महिला व पुरुष टीम के चैंपियन बनने की पूरी उम्मीद है। ऐसे महिला टीम की सदस्य दीप्ति शर्मा और विप्रज निगम के खाते में पदक आने तय हैं।
ये खिलाड़ी भी पदक के दावेदार
पिछले बार की चैंपियन कबड्डी टीम की तरफ से स्वर्ण जीतने वाली अर्जुन देशवाल इस बार भी टीम में शामिल हैं। उनसे इस बार भी राज्य को पदक को उम्मीद है। ऐसे ही पिछले एशियाई खेलों के पदक विजेता नौकायन खिलाड़ी अरविन्द कुमार भी पदक के दावेदार हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता जूडोका अस्मिता डे एशियाई खेलों में भी पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। उन्हें जापान और चीन जैसे देशों से टक्कर लेनी पड़ेगी। ये देश राष्ट्रमंडल खेलों में नहीं होते हैं। भारतीय दल के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी 50 वर्षीय निशानेबाज मेराज अहमद खान का यह चौथा एशियाई खेल होगा।
यूपी के खिलाड़ियों के पास इस बार पदक जीतने के अच्छे मौके हैं। खासकर पारुल चौधरी, जैवलिन थ्रोअर रोहित यादव और गुलवीर सिंह जैसे खिलाड़ियों से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। पारुल ने पिछली बार भी धमाकेदार प्रदर्शन किया था। रोहित लगातार प्रभावित कर रहे हैं। इस बार उत्तर प्रदेश से एथलेटिक्स की सबसे बड़ी टीम गई है, जिसमें 14 खिलाड़ी शामिल है। इसलिए पदक भी अधिक आने चाहिए।
जेएस भाटिया, द्रोणाचार्य अवार्डी एवं अंतरराष्ट्रीय
एथलेटिक्स कोच








