वाशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से टैरिफ का बम फोड़ डाला है. इस बार उन्होंने कनाडा की वस्तुओं पर टैरिफ लगाया है. सोमवार को शराब, ऑटोमोबाइल और डेयरी प्रोडक्ट्स के सेक्टर में 'भेदभाव' का हवाला देते हुए कुछ कनाडाई वस्तुओं पर 50 फीसदी का नया टैरिफ लगाने का आदेश पर साइन कर दिया है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, ये शुल्क 30 दिनों में लागू हो जाएंगे. इसमें यह भी कहा गया है कि हालांकि एनर्जी, पोटाश और सेक्टर स्पेशल टैरिफ से प्रभावित कुछ आयातों को छूट दी गई है, लेकिन नए टैरिफ अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा व्यापार समझौते के तहत देश में प्रवेश करने वाले सामानों पर भी लागू होंगे।
ट्रंप द्वारा सोमवार को साइन तीन घोषणाओं के अनुसार, प्रभावित कनाडाई वस्तुओं में रेफ्रिजरेशन जैसे बिजली के उपकरण से लेकर मशीनरी तक शामिल हैं. व्हाइट हाउस के एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप कनाडा द्वारा अमेरिका के साथ लगातार किए जा रहे भेदभाव और अनुचित एवं असमान व्यवहार के लिए उसे जवाबदेह ठहराने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे अमेरिका पर बोझ पड़ा है और उन्हें नुकसान हुआ है।
किस कानून के तहत लगाया जा रहा ये टैरिफ?
ट्रंप ने 1930 के टैरिफ अधिनियम की धारा 338 का हवाला दिया, जो एक ऐसा कानून है जो राष्ट्रपति को किसी देश द्वारा अमेरिकी वस्तुओं के साथ भेदभाव करने के संदेह में कांग्रेस की मंजूरी के बिना वस्तुओं पर 50% तक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है।
कनाडा पर क्यों लगाया टैरिफ?
पिछले हफ्ते ट्रंप ने कनाडा में लगी भीषण आग से हाल के दिनों में अमेरिकियों को हुए नुकसान के लिए कनाडा को सबक सिखाने के लिए कनाड़ा के सामानों पर हाई टैरिफ लगाने की धमकी दी थी. हालांकि, सोमवार को एक विशेष प्रशासनिक अधिकारी ने पत्रकारों को बतया कि यह कार्रवाई इससे संबंधित नहीं है. सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति के पास इस संबंध में अन्य विकल्प भी हैं।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कई देशों पर टैरिफ लगाया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी टैरिफ को गैर कानूनी बता दिया था और रिफंड जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन फिर से कनाड़ा पर टैरिफ लगाकर ट्रंप ने एक नया डर पैदा कर दिया है।








