लखनऊ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत के आह्वान को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से योगी सरकार सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में व्यापक नशामुक्ति अभियान चलाएगी। विधानसभा परिसर में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों एवं परीक्षा नियंत्रकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उच्च शिक्षण संस्थानों में नशामुक्ति अभियान को प्रभावी, सतत एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर निर्णय लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखा जाए तो प्रदेश और देश का भविष्य और अधिक सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण का आधार बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। नशामुक्ति अभियान इसी संकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश के सभी राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में प्रत्येक कार्यदिवस की शुरुआत से पूर्व विद्यार्थियों को दो मिनट की नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। साथ ही 'रन फॉर नशामुक्ति', मैराथन, पथ संचलन, भाषण, निबंध, चित्रकला, नाटक एवं नुक्कड़ नाटक जैसी जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक शिक्षक सप्ताह में एक बार अपने पीरियड के अंतिम दस मिनट नशामुक्ति विषय पर विद्यार्थियों के साथ संवाद एवं प्रेरक चर्चा के लिए निर्धारित करेंगे।
विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच एवं जीवन मूल्यों के विकास के लिए सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी स्थलों के शैक्षिक भ्रमण भी कराए जाएंगे। अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए परिसर एवं सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग, वॉल पेंटिंग और सोशल मीडिया का उपयोग किया जाएगा तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को 'माय भारत' पोर्टल से जोड़ा जाएगा।
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए पूरे प्रदेश को पांच जोनों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय स्तर पर वरिष्ठ नोडल अधिकारी, महाविद्यालय स्तर पर प्राचार्य तथा प्रत्येक संकाय स्तर पर अलग नोडल अधिकारी अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे।
नशे की रोकथाम के लिए बैठक में कई कड़े निर्णय भी लिए गए। सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 500 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्ती से रोक सुनिश्चित की जाएगी। हॉस्टलों, कैंटीनों एवं परिसर में नियमित निरीक्षण होंगे। ऑनलाइन डिलीवरी एवं कूरियर से आने वाली सामग्रियों की प्रवेश द्वार पर ही जांच की जाएगी। नशे की प्रवृत्ति वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी काउंसलिंग की जाएगी तथा आवश्यक होने पर अभिभावकों को बुलाकर संवाद स्थापित किया जाएगा।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एम पी अग्रवाल सहित विधायक उमेश द्विवेदी, बाबूलाल तिवारी, मानवेन्द्र सिंह, चंद्र शर्मा, धर्मेन्द्र भारद्वाज, अरुण पाठक एवं हरि सिंह ढिल्लो, अवनीश कुमार और प्रदेश महामंत्री संजय राय सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







