16 जुलाई से सूर्य-गुरु युति, इन तीन राशियों की बदलेगी किस्मत

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 वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य-गुरु को अत्यंत शुभ और प्रभावशाली माना जाता है। इस समय गुरु चंद्रमा की कर्क राशि में विराजमान हैं। 16 जुलाई 2026 को सूर्य मिथुन राशि छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। जिससे कर्क राशि में सूर्य-गुरु की युति बनेगी। सूर्य-गुरु की युति से 'गुरु आदित्य राजयोग' का निर्माण होता है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, यह युति धन, सम्मान, नेतृत्व क्षमता और सफलता प्रदान करती है। कर्क राशि में सूर्य-गुरु के करीब आने से मेष से लेकर मीन राशि प्रभावित होगी। लेकिन दो बड़े और शुभ ग्रहों की युति का वृषभ, कन्या और मकर राशि पर शुभ प्रभाव पड़ेगा। आइए जानते हैं पंडित उपाध्याय से सूर्य-गुरु की युति से लकी राशियों को किस तरह के परिणाम मिलेंगे।
सूर्य-गुरु की कर्क राशि में युति: इन 3 राशियों का बदलेगा भाग्य, मिलेंगे शुभ फल

1. वृषभ राशि-
वृषभ राशि के लिए सूर्य-गुरु की युति सकारात्मक बदलाव लेकर आ रही है। इस समय आपको धन, करियर और व्यवसाय में अच्छे बदलाव होते नजर आएंगे। किसी रिश्तेदार या करीबी व्यक्ति से शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। बिजनेस करने वालों के लिए यह समय बेहतरीन रहेगा। विस्तार के योग बन रहे हैं। किसी नए सौदे या डील पर साइन कर सकते हैं। परिवार में सुख-शांति का अनुभव करेंगे। धन की स्थिति में सुधार होता नजर आएगा

2. कन्या राशि-
कन्या राशि के लिए सूर्य-गुरु युति शुभ प्रभावों वाली सिद्ध हो सकता है। इस समय आपको सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होगा। आप कार्यों में सफलता पाएंगे। करियर में उन्नति के योग बन रहे हैं। अटके हुए धन की वापसी हो सकती है। आय के नए-नए मार्ग बनेंगे, जिससे आर्थिक स्थिरता प्राप्त होगी। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। अपनों का साथ मिलेगा। वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेंगी। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों को सफलता मिलने के प्रबल योग हैं।

3. मकर राशि-
मकर राशि की धन संबंधी योजनाएं सफल होंगी, जिससे कर्ज से छुटकारा मिल सकता है। व्यक्तित्व में निखार आएगा और लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लीडरशिप क्वालिटी निखरेगी और उच्चाधिकारी आपसे प्रभावित होंगे। बुद्धि के बल पर कार्यों में सफलता अर्जित करेंगे। भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। कोर्ट-कचहरी में विजय के संकेत हैं। प्रेम-संबंधों में स्थिरता और मजबूती आएगी।

सूर्य-गुरु की युति के उपाय:
वैदिक ज्योतिष में सूर्य और गुरु को अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। शुभ फलों में वृद्धि के लिए और कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत करने के लिए जातक को प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए और 'ॐ घृणिः सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करना चाहिए। गुरु कृपा पाने के लिए 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप लाभकारी माना जाता है।

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