मोरिंडा/चंडीगढ़.
विजिलेंस ब्यूरो ने मोरिंडा सदर थाने में तैनात ASI अवतार सिंह को थाने में दर्ज एक पुराने केस से मां-बेटे का नाम हटाने के लिए तीस हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ब्यूरो ने यह कार्रवाई इतने सीक्रेट तरीके से की कि लोकल पुलिस और मीडिया को भी पास नहीं आने दिया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक, कुराली के वार्ड नंबर 9 के रहने वाले तेजपाल सिंह बेटे स्वर्गीय सुरमुख सिंह ने 26 मई 2026 को पुलिस में दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसने पंजाब वक्फ बोर्ड, चंडीगढ़ से गांव चतामला की हद में आने वाली करीब 6 एकड़ जमीन लीज पर ली हुई है। इसमें पैदा होने फसल को आवारा जानवरों से बचाने के लिए उसने लेबर लगाकर अपनी जमीन के चारों ओर करीब 130 सीमेंट के पिलर लगवाए थे। वह खेत में लोहे की तार के दो रोल और 4 इंच के पानी के पाइप का रोल लेकर आया था, लेकिन जब वह अपने खेत में पहुंचा तो उसने देखा कि गांव चतामला का रहने वाला सुखा अपने ट्रैक्टर के पीछे लगाए सुहागे के साथ उसके खेत के सीमेंट के बने खंभे तोड़ रहा था जबकि सुखा की मां सुरिंदर कौर भी खेत में खड़ी थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, जब तक वह उनके पास पहुंचा, आरोपियों ने सारे खंभे तोड़ दिए थे और तार के दोनों रोल और खेत में पड़े 4 इंच के पाइप के रोल को ट्रैक्टर-सुहागे पर लादकर वहां से भाग गए। इस संबंध में तेजपाल सिंह की शिकायत पर मोरिंडा सदर पुलिस ने सुखा और उसकी मां सरपंच सुरिंदर कौर, जो गांव चतामला की रहने वाली है, के खिलाफ मामला दर्ज करके मामले की आगे की जांच ASI अवतार सिंह कर रहे हैं। इस मामले में ASI अवतार सिंह ने सुखा से उसकी मां सरपंच सुरिंदर कौर का नाम हटाने के लिए बड़ी रकम रिश्वत के तौर पर मांगी थी, लेकिन सौदा 30,000 रुपये में तय हुआ था। इस बारे में सुखे ने विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत की, जिसके बाद विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने जाल बिछाकर मोरिंडा सदर थाने में बने पुलिस क्वार्टर से ASI अवतार सिंह को गिरफ्तार कर लिया।








