दिल्ली की बसों में फ्री सफर पर नया नियम, पिंक कार्ड और दस्तावेज को लेकर महिलाओं की बढ़ी परेशानी

SHARE:

नई दिल्ली
'भैया, हमारे पास दिल्ली का आधार कार्ड नहीं है, फ्री टिकट दे दो ना…', 'दो स्टॉप पर ही जाना है, पिंक कार्ड घर पर भूल आए', 'आधे पैसों में टिकट दे दो भैया', दिन के करीब 11:45 पर मधु बिहार से महरौली जा रही क्लस्टर बस में रविवार को कुछ इसी तरह की आवाजें सुनाई दीं। महिलाओं के मुफ्त सफर को लेकर नए नियमों के बीच टिकट लेने के दौरान महिला यात्री और कंडक्टर आमने-सामने नजर आए। कोई मुफ्त यात्रा के लिए दस्तावेज दिखाने की बात कर रहा था तो कोई पिंक कार्ड घर पर छूट जाने का हवाला दे रही थी।

  • बस में चढ़ते ही महिलाओं की ओर से मुफ्त सफर को लेकर सवाल शुरू हो गए। कंडक्टर एक-एक यात्री को समझाने और टिकट काटने में उलझे रहे थे।
  • कई बार एक महिला को समझाने में इतना समय लग रहा था कि पीछे खड़े यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
  • कंडक्टर का कहना था कि सिर्फ उन्हें ही मुफ्त टिकट मिलेगा जिने पास पिंक कार्ड है।
  • एनबीटी रिपोर्टर से कंडक्टर ने कहा कि उन्हें पहले यह देखना पड़ रहा है कि महिला यात्री मुफ्त सफर की पात्रता पूरी करती है या नहीं, इसके बाद ही टिकट जारी किया जा रहा है।

    यह आदेश जारी हो चुके हैं। इस बीच बस कुछ पुरुष यात्रियों की टिप्पणी से महिलाओं में नाराजगी दिखी।

दूसरे राज्य की महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत
नई व्यवस्था से सबसे अधिक परेशानी उन महिलाओं को हो रही है जो दूसरे राज्यों से हैं और दिल्ली में रहती हैं या काम करती हैं। महिलाओं ने बताया कि वे दिल्ली में लंबे समय से रह रही हैं, लेकिन उनके पास दिल्ली का आधार कार्ड या मांगे जा रहे दस्तावेज नहीं है। ऐसे में उन्हें मुफ्त यात्रा का लाभ लेने में दिक्कत आ रही है। एनसीआर के शहरों से दिल्ली आकर रहने वाले लोगों की भी यही शिकायत थी। एक महिला यात्री ने कहा कि हम कई साल से दिल्ली में रह रहे हैं। अगर किसी दस्तावेज की जरूरत है तो इसकी जानकारी पहले से साफ तौर पर मिलनी चाहिए।

 

1
Default choosing

Did you like our plugin?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य

शहर चुनें