पटना
बिहार सरकार ने राज्य के विमानन प्रशिक्षण क्षेत्र को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बिहार उड्डयन संस्थान के प्रशिक्षुओं को अब आधुनिक और उन्नत उड़ान प्रशिक्षण राज्य में ही उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके लिए सरकार ने मल्टी इंजन ट्रेनिंग विमान उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। यह सुविधा एयरो क्लब ऑफ इंडिया से नामांकन के आधार पर प्राप्त की जाएगी।
सेवा के लिए सरकार प्रतिमाह 6.50 लाख रुपये खर्च करेगी। इस पर कुल 78 लाख रुपये वार्षिक व्यय की वित्तीय स्वीकृति भी दे दी गई है।
एक इंजन से आगे, अब मल्टी इंजन की उड़ान की बारी
सिविल विमानन विभाग के अनुसार यह निर्णय बिहार सरकार और एयरो क्लब ऑफ इंडिया के बीच हुए समझौते के तहत लिया गया है।
संस्थान को पहले से उपलब्ध एकल इंजन प्रशिक्षण विमान की तर्जपर ही नई सुविधा संचालित होगी। मल्टी इंजन विमान भी निर्धारित नियमों और शर्तों के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके लिए एयरो क्लब ऑफ इंडिया के साथ शुरुआती तौर पर पांच वर्षों का अनुबंध किया जाएगा। इस व्यवस्था से प्रशिक्षण का दायरा और गुणवत्ता दोनों बढ़ेंगी। साथ ही बिहार उड्डयन संस्थान की तकनीकी क्षमता भी मजबूत होगी।
अब पायलट बनने के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूसरे राज्यों में
अब तक मल्टी इंजन प्रशिक्षण के लिए बिहार के प्रशिक्षुओं को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह प्रशिक्षण बिहार में ही उपलब्ध हो सकेगा।
इससे छात्रों का समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बचेंगे। सरकार की ओर से अनुदानित शुल्क पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इस कदम से अधिक से अधिक युवाओं को विमानन क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर मिलेगा। बिहार में ही विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिलने से छात्रों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
मल्टी इंजन योग्यता बढ़ाएगी नौकरी के अवसर
सिविल विमानन विभाग के अनुसार अधिकांश कमर्शियल एयरलाइंस मल्टी इंजन उड़ान योग्यता वाले पायलटों को प्राथमिकता देती हैं।
ऐसे में यह सुविधा बिहार के प्रशिक्षुओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगी। उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पायलट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
इससे राज्य के युवाओं को बेहतर करियर विकल्प मिलेंगे। विमानन क्षेत्र में बिहार की भागीदारी और उपस्थिति भी मजबूत होगी। यह पहल राज्य के एविएशन सेक्टर के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।
उड़ान सिर्फ विमानों की नहीं, बिहार के सपनों की भी
मल्टी इंजन प्रशिक्षण विमान की उपलब्धता से बिहार उड्डयन संस्थान की प्रतिष्ठा में भी इजाफा होगा। संस्थान अब अधिक व्यापक और उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण देने में सक्षम होगा।
सरकार का यह कदम राज्य को विमानन प्रशिक्षण के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है। इसके साथ ही बिहार के युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर अवसर मिलेंगे।
यह पहल सिर्फ तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को पंख देने की कोशिश है।अब बिहार के आसमान से उड़ान भरेंगे देश के भविष्य के पायलट।








