हरियाणा में किराये के भवन में चल रहे MSME को बड़ी राहत, हर साल मिलेगी ₹5 लाख सब्सिडी

SHARE:

चंडीगढ़.

हरियाणा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने एक साथ तीन नई योजनाएं शुरू की हैं। किराये के भवन में चल रहे एमएसएमई को सालाना पांच लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

ई-कार्गो वाहन खरीदने के लिए सरकार पांच लाख रुपये तक की सहायता देगी। इसी तरह नई एमएसएमई इकाई स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने तीनों पालिसी अधिसूचित कर दी हैं, जिनमें एमएसएमई को लीज रेंट की प्रतिपूर्ति, सेवा क्षेत्र के एमएसएमई के लिए ब्याज माफी और ई-कार्गो वाहनों की खरीद पर वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रविधान है।

25 फीसदी राशि वापस देने का प्रविधान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने उद्यमियों से मिले फीडबैक के आधार पर इन प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के एमएसएमई को लीज पर लिए गए परिसर के किराये की 25 प्रतिशत राशि वापस देने का प्रविधान नीति में किया गया है। यह लाभ तीन वर्ष तक दिया जाएगा। योजना में वे एमएसएमई पात्र होंगी, जिन्होंने पिछले साल एक अप्रैल के बाद वाणिज्यिक उत्पादन या संचालन शुरू किया है। यूनिट के पास कम से कम तीन वर्ष की अवधि की पंजीकृत कामर्शियल लीज डीड होना जरूरी है। जिस परिसर का किराया लिया गया है, वह किसी असंबंधित पक्ष का होना चाहिए।

वैध उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र भी जरूरी है। इसी तरह सेवा क्षेत्र के नए एमएसएमई का तीन साल तक दो प्रतिशत ब्याज माफ किया जाएगा। यह लाभ टर्म लोन या वर्किंग कैपिटल के लिए लिए गए ऋण में से किसी एक पर मिलेगा। इसमें स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण, आइटी, बल्क कूरियर सेवाएं, आरएंडडी सेंटर, टेस्टिंग लैब, इंजीनियरिंग एवं डिजाइन सेवाएं, उपकरण मरम्मत, पर्यावरण सेवाएं और एंटरटेनमेंट पार्क जैसी सेवाओं को शामिल किया गया है। ट्रेडिंग यूनिट इस योजना के दायरे में नहीं आएंगी। तीसरी योजना में एमएसएमई को नए ईवी कार्गो ट्रक या कामर्शियल कार्गो ईवी खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत की 15 प्रतिशत राशि प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगी। एक एमएसएमई को योजना की अवधि में अधिकतम एक वाहन पर लाभ मिलेगा।

250 पात्र एमएसएमई को मिलेगा फायदा
वाहन की लोड वहन क्षमता 700 किलोग्राम से 10 हजार किलो तक होनी चाहिए। इस योजना में पहले 250 पात्र एमएसएमई को पहले आवेदन-पहले लाभ के आधार पर सहायता दी जाएगी या बजट उपलब्ध रहने तक लाभ मिलेगा। एक अप्रैल 2026 या उसके बाद खरीदे गए ईवी इस योजना के लिए पात्र होंगे।
वाहन हरियाणा की अधिकृत डीलरशिप से खरीदा और हरियाणा में पंजीकृत होना चाहिए तथा फर्म के नाम पर होना जरूरी है। जिन उद्यमों का प्राथमिक कारोबार लाजिस्टिक्स या ट्रांसपोर्टेशन है, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। सेकेंड हैंड वाहन भी योजना में शामिल नहीं हैं।

1
Default choosing

Did you like our plugin?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य

शहर चुनें