बिहार में खनिज आधारित उद्योगों से निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे जल्द

SHARE:

पटना
 बिहार के औद्योगिक विकास को गति देने में कोयला और खनिज क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य के जमुई, भागलपुर, गया और औरंगाबाद सहित कई जिलों में खनिज संसाधनों की संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में खनिज अन्वेषण और उपलब्ध संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग से राज्य में खनिज आधारित उद्योगों के विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

यह बातें केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्रालय के राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहीं। वह बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआइए) की ओर से आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि बिहार के उद्यमियों को कोयला खनन क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए छोटे-छोटे कोल ब्लाक उपलब्ध कराने की दिशा में अवसर तलाशे जा रहे हैं। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों से इस क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि कोयला और खनिज क्षेत्र में स्थानीय उद्योगों की सक्रिय भागीदारी बढ़ने से राज्य में निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है

ऊर्जा सुरक्षा, खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग और औद्योगिक विकास इस दिशा में महत्वपूर्ण हैं। केंद्र सरकार बिहार में उद्योगों के विकास, निवेश संवर्धन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने उद्योग जगत से सरकार के साथ साझेदारी में काम करते हुए नए निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में आगे आने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीआइए के अध्यक्ष रामलाल खेतान ने की।

कार्यक्रम में उद्योगपतियों, उद्यमियों और निवेशकों ने राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश और खनिज आधारित उद्योगों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव दिए।

संचालन बीआइए की नेटवर्किंग कमेटी के अध्यक्ष मनीष कुमार तिवारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन महासचिव अमरनाथ जायसवाल ने किया। इस अवसर पर बीआइए के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार अग्रवाल, देव प्रकाश सिंह, पूर्व अध्यक्ष केपीएस केसरी, अरुण अग्रवाल भी थे।

 

1
Default choosing

Did you like our plugin?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य

शहर चुनें