इंटर्न डॉक्टरों का भोपाल में पैदल मार्च, स्टाइपेंड ₹14,337 से बढ़ाकर ₹30 हजार करने की मांग

SHARE:

भोपाल
 मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का सब्र अब जवाब दे गया है। सरकार के कोरे आश्वासनों से नाराज होकर इंटर्न डॉक्टरों ने 7 सितंबर को राजधानी भोपाल में मोर्चा खोल दिया है।

अपनी मांगों को लेकर ये चिकित्सक हमीदिया अस्पताल से सीधे मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच कर रहे हैं। डॉक्टरों ने दो टूक कह दिया है कि अब उन्हें कोई मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि स्टाइपेंड वृद्धि का लिखित आदेश चाहिए।

डेढ़ माह के इंतजार के बाद टूटा सब्र

    आंदोलनकारी डॉक्टरों का कहना है कि शासन ने करीब एक महीने पहले स्टाइपेंड बढ़ाने के मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने का मौखिक भरोसा दिया था।

    सरकार के इस वादे का सम्मान करते हुए इंटर्न डॉक्टरों ने डेढ़ महीने तक शांतिपूर्वक इंतजार किया। लेकिन जब इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक अधिसूचना या लिखित आदेश जारी नहीं हुआ, तो उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराना पड़ा।

14 हजार नहीं, 30 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग
वर्तमान व्यवस्था के तहत प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने महज 14,337 रुपये बतौर स्टाइपेंड दिए जा रहे हैं। डॉक्टरों की प्रमुख मांग है कि इस सम्मान राशि को बढ़ाकर न्यूनतम 30,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए। अपनी इसी मांग को सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने रखने और अब तक मिले आश्वासनों की वास्तविक स्थिति पर चर्चा करने के लिए यह मार्च निकाला जा रहा है।

हमीदिया के गेट नंबर 1 से सीएम हाउस तक शांतिपूर्ण मार्च
    अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए इंटर्न डॉक्टरों ने भोपाल स्थित हमीदिया अस्पताल के गेट क्रमांक 1 से मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च शुरू किया है।
    प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है। '14,337 नहीं, 30,000 चाहिए… अब आश्वासन नहीं, लिखित आदेश चाहिए' जैसे नारों के साथ डॉक्टर लगातार सरकार से अपनी जायज मांगें जल्द से जल्द पूरी करने की अपील कर रहे हैं। आगे की रणनीति भी इसी मार्च के दौरान तय की जाएगी।

 

1
Default choosing

Did you like our plugin?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य

शहर चुनें