बठिंडा
बठिंडा सांसद और अकाली दल की की वरिष्ठ नेता हरसिमरत कौर बादल ने अपने पति और पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हुए जानलेवा हमलों की नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग की। उन्होंने पंजाब में 'राजनीति से प्रेरित पुलिस व्यवस्था' पर बहुत कम भरोसा जताया।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में बठिंडा के सांसद ने कहा कि केवल एक स्वतंत्र केंद्रीय जांच ही घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटा सकती है, इसमें शामिल व्यक्तियों और संगठनों की पहचान कर सकती है, किसी भी संभावित चरमपंथी या विदेशी संबंधों की जांच कर सकती है और यह पता लगा सकती है कि क्या दोनों हमलों को रोकने में पुलिस की ओर से कोई विफलता या जानबूझकर लापरवाही हुई थी।
हरसिमरत कौर ने पत्र में क्या लिखा?
अपने पत्र में हरसिमरत कौर बादल ने लिखा कि सुखबीर बादल के दाहिने हाथ में चोट आई थी। अगर एक सतर्क सुरक्षाकर्मी ने हमलावर को उसके जानलेवा इरादे को अंजाम देने से रोकने के लिए अपनी जान जोखिम में न डाली होती, तो नतीजा जानलेवा हो सकता था। मैं यह बताना चाहती हूं कि 13 अगस्त की घटना कोई अकेली घटना नहीं थी।
4 दिसंबर, 2024 को अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब के पवित्र परिसर में सुखबीर बादल की जान लेने की ऐसी ही कोशिश की गई थी, जब वह पवित्र श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशानुसार सेवा कर रहे थे।
हत्या की इन दोनों कोशिशों में कई चिंताजनक समानताएं हैं और ये गंभीर सवाल खड़े करती हैं कि क्या ये आपस में जुड़ी हुई हैं। मैं इस बात पर भी जोर देना चाहती हूं कि हत्या की दूसरी कोशिश इस बात पर गंभीर सवाल उठाती है कि पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस ने पहले हमले से किस तरह निपटा था।
'हमले के पीछे बड़ी साजिश'
SAD सांसद ने आरोप लगाया कि सुखबीर बादल पर इससे पहले हुए हमले में शामिल आरोपी खुलेआम घूम रहा है. उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर भी मामले को दबाने के गंभीर आरोप लगाए. हरसिमरत ने कहा, 'पिछले हमले में शामिल आरोपी खुलेआम घूम रहा है. DGP यादव और भुल्लर ने मामले को दबा दिया. मैंने गृह मंत्री को पत्र लिखकर NIA जांच की मांग की है, क्योंकि इसके पीछे बहुत बड़ी साजिश है।
उन्होंने कहा कि जांच में इस साजिश से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका सामने आनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि अगर इसमें किसी पुलिस अधिकारी या राजनेता की भूमिका मिलती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
अमित शाह को लिखी चिट्ठी
हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में 13 अगस्त को श्री हजूर साहिब गुरुद्वारे में सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग की है. हरसिमरत का दावा है कि यह हमला महज एक अलग-थलग आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़ी साजिश हो सकती है. उन्होंने केंद्र से मामले की गहराई से जांच कराने और हमले की साजिश में शामिल सभी लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
हालांकि, हरसिमरत कौर बादल की ओर से लगाए गए पुलिस अधिकारियों की भूमिका और मामले को दबाने संबंधी आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
13 अगस्त को हुआ था हमला
13 अगस्त को महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक गुरुद्वारे में बादल पर तलवार से हमला किया गया था। एक अन्य घटना में, 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर के गोल्डन टेंपल में सुखबीर बादल पर गोली चलाई गई थी।
कौर ने कहा कि इस बात की जांच के लिए NIA की जांच जरूरी है कि क्या ये दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हैं और क्या इनके पीछे कोई "बड़ी साज़िश" है। उन्होंने कहा कि यह बहुत चिंता की बात है कि गुरुद्वारों पर बार-बार हो रहे हमलों का मकसद इन पवित्र स्थलों की छवि को नुकसान पहुंचाना और सिख समुदाय व पंजाब को बदनाम करना हो सकता है।








