रांची
जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ किया कि आंदोलन का पहला चरण सफल रहा है, लेकिन संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने घोषणा की कि अब आंदोलन का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें पेपर लीक न होने की गारंटी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जैसी मांग प्रमुख होगी.
सरकार द्वारा सोमवार छात्रों की सभी मांगें सभी करने के ऐलान के बाद मंगलवार को रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर छात्र नेता देवेंद्र महतो ने सरकार के साथ बातचीत और जुलाई से शुरू हुए आंदोलन की स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि 14 परीक्षाएं रद्द होने और सभी प्रमुख मांगें माने जाने के साथ आंदोलन का पहला चरण सफल हो गया है. छात्र नेता ने इस बड़ी जीत के बाद भूख हड़ताल खत्म करने की घोषणा की, लेकिन साफ किया कि उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है. अब आंदोलन का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें सरकार से पेपर लीक रोकने और शिक्षा सुधारों पर ठोस गारंटी की मांग की जाएगी.
'असली मगरमच्छों को पकड़ना जरूरी'
देवेंद्र महतो ने कहा कि जुलाई से शुरू की गई लड़ाई में सरकार की कार्रवाई के बाद उन्हें लगा था कि असली मगरमच्छों को पकड़ना जरूरी है. उन्होंने संघर्ष जारी रखा जिसके बाद सरकार का बड़ा फैसला आया और सभी मांगें पूरी हुईं. उन्होंने मुख्यमंत्री और आंदोलन में पानी, खाना व तिरपाल पहुंचाने वाले सभी लोगों का विशेष धन्यवाद किया.
'मंत्रियों को बदलने से नहीं बदलती व्यवस्था'
महतो ने कहा कि एक दरी से शुरू हुआ प्रथम चरण सफल रहा. उन्होंने सवाल उठाया कि 14 परीक्षाएं रद्द तो हो गईं, लेकिन ये कब होंगी और इसकी क्या गारंटी है कि दोबारा पेपर लीक नहीं होगा. उन्होंने कहा कि मंत्रियों के बदलने से व्यवस्था नहीं बदलती, सरकार को भविष्य में कभी पेपर लीक न होने की पुख्ता गारंटी देनी होगी.
शिक्षा सुधार पर जोर देते हुए देवेंद्र महतो ने कहा कि एजुकेशन रिफॉर्म को प्रॉफिट का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए. वो चाहते हैं कि एक ऐसी मॉनिटरिंग समिति बने जो हर कदम पर पूरी प्रक्रिया की निगरानी रखे. उन्होंने साफ किया कि भूख हड़ताल खत्म हुई है, लेकिन आंदोलन नहीं, शिक्षा सुधार और गारंटी मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा.








