पटना
इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर और हैंड ट्रैक्टर (पावर टिलर) जैसी किफायती कृषि मशीनरी छोटे और सीमांत किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इनके इस्तेमाल से खेती में लगने वाले समय और श्रम के साथ डीजल पर होने वाले खर्च को भी कम करने में मदद मिलती है
बिहार में कृषि तकनीक और आधुनिक मशीनरी के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उद्यम भी आगे आ रहे हैं। UGT Tech Private Limited ऐसी ही एक कंपनी है, जो छोटे किसानों के लिए किफायती हैंड ट्रैक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और आधुनिक कृषि मशीनरी के निर्माण की दिशा में काम कर रही है।
बिहार में औद्योगिक विकास और नए स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) की ओर से उद्यमियों को भूमि और शेड आवंटित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में UGT Tech Private Limited बिहार में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने की तैयारी कर रही है। कंपनी यहां किफायती इलेक्ट्रिक हैंड ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी की असेंबलिंग एवं निर्माण करना चाहती है।
UGT Tech Private Limited की सुनिए
कंपनी की मिट्ठू मिश्रा और उनके सहयोगी कौशिक छोटे किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किफायती मशीनरी विकसित करने पर काम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य ऐसी मशीनें उपलब्ध कराना है, जिनका इस्तेमाल खेती, बागवानी और कृषि से जुड़े अन्य कार्यों में किया जा सके।
कंपनी की प्रतिनिधि मिट्ठू मिश्रा के अनुसार, बिहार में BIADA की ओर से भूमि और शेड आवंटन की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसके लिए आवेदन किया।
आवेदन के तुरंत बाद उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने BIADA की त्वरित और सरल प्रक्रिया के साथ मिले सहयोग के लिए बिहार सरकार और उद्योग विभाग का आभार व्यक्त किया।
UGT Tech Private Limited की मिट्ठू मिश्रा ने बताया कि हमारा व्यवसाय छोटे किसानों के लिए मशीनरी बनाने का है। अब हम उनके लिए इलेक्ट्रिक मशीनरी बनाना चाहते हैं। जब हमें पता चला कि बिहार में BIADA की ओर से भूमि और शेड आवंटित किए जा रहे हैं, तो हमने इसके लिए आवेदन किया। आवेदन करने के तुरंत बाद हमें बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला। BIADA इस औद्योगिक क्षेत्र का तेजी से विकास कर रहा है। यहां की प्रक्रिया बहुत तेज और झंझट-मुक्त रही। इसके लिए BIADA को धन्यवाद।
वहीं, कौशिक ने बताया कि कंपनी छोटे किसानों के लिए किफायती इलेक्ट्रिक हैंड ट्रैक्टर बना रही है। इनका इस्तेमाल खेती, बागवानी और कृषि से जुड़े दूसरे कामों में किया जा सकता है। ऐसी मशीनें पूर्वी भारत, पहाड़ी क्षेत्रों, हिमाचल और उत्तर भारत के किसानों के लिए भी उपयोगी हो सकती हैं।
कौशिक के मुताबिक, कंपनी बिहार में ऐसी उपयुक्त जगह तलाश रही है, जहां असेंबलिंग और मशीनरी निर्माण का काम शुरू किया जा सके। बिहार में औद्योगिक इकाई स्थापित करने की यह पहल स्थानीय स्तर पर आधुनिक कृषि मशीनरी के निर्माण और नए औद्योगिक अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है।
UGT Tech Private Limited की यह पहल बिहार में आधुनिक कृषि तकनीक और मशीनरी निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है। BIADA के माध्यम से भूमि और शेड आवंटन की सुविधा मिलने से कंपनी को राज्य में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने का अवसर मिल रहा है।
इससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए किफायती कृषि मशीनरी विकसित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।








