पटना
साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (सीसीएसयू) ने साइबर ठगी की राशि को क्रिप्टोकरेंसी में बदल कर विदेश भेजने वाले गिरोह का भंड़ाफोड़ किया है। इस गिरोह ने देश भर में 14.67 करोड़ रुपये से अधिक राशि की ठगी की। इस गिरोह का चीन के अपराधियों से साथ कनेक्शन का पता चला है। सीसीयू ने पटना साइबर थाने के सहयोग से कंकड़बाग के तीन और हिलसा नालंदा के एक आरोपित को गिरफ्तार किया। पुलिस अब गिरोह के अन्य शातिरों को दबोचने में जुट गई है।
आरोपितों के पास से छह बैंक पासबुक, 13 एटीएम कार्ड, 10 चेकबुक, चार मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड सहित मुहर व क्यूआर पेमेंट कोड आदि मिले हैं। म्यूल अकाउंट के खिलाफ चलाये जा रहे विशेष अभियान के दौरान साइबर अपराध से अर्जित अवैध धनराशि को बैंक खातों के माध्यम से निकालकर अपराधियों एवं विदेशी संचालकों तक पहुंचाने वाले संगठित गिरोह की जानकारी मिली थी। इसके बाद छापेमारी करते हुए कंकड़बाग रामलखन पथ के गौतम गंभीर एवं विवान सिंह, रामकृष्णा नगर (पटना) के तनय सिंह और हिलसा बिहारी रोड के सुमित राज को पकड़ा। तीनों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो कई राज का पर्दाफाश हुआ।
चीन के अपराधियों से कनेक्शन
पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्तों ने विभिन्न बैंकों में म्यूल खाते खुलवाये। इसके बाद साइबर ठगी की राशि उन खातों में लेते थे। जब्त बैंक खातों पर विभिन्न राज्यों से लगभग 14 करोड़ 67 लाख रुपये की साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज मिली हैं। साथ ही, आरोपियों द्वारा क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के माध्यम से ठगी की राशि को क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर विदेशी संचालकों, विशेषकर चीन से जुड़े अपराधियों तक पहुंचाने एवं मनी लांड्रिंग गतिविधियों में उपयोग किए जाने के संकेत प्राप्त हुए हैं। पटना पुलिस पूरे गिरोह को खंगालने में जुट गई है।
मिलीभगत कर कॉरपोरेट बैंक खाते खुलवाए
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी विभिन्न बैंकों के साथ मिलीभगत कर कॉरपोरेट बैंक खाते खुलवाने तथा उनके माध्यम से साइबर अपराध की राशि के लेन-देन में संलिप्त थे। सीसीएसयू ने बताया कि मामले में अन्य कई लोग शामिल हैं। अन्य सहयोगियों एवं नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी एवं कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करेगी। म्यूल खाते खुलवाने में उनकी गतिविधि संदिग्ध मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इसमें और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सीसीयू का अभियान अभी जारी है।








