इंडोनेशिया में आतंकी संगठन में टूट से सिंगापुर में खतरनाक इकाइयों का खतरा बढ़ा

सिंगापुर.

इंडोनेशिया में आतंकवादी समूह जेमाह इस्लामिया (जेआई) के टूटने पर सिंगापुर के गृह मंत्रालय ने चेतावनी दी है। उन्होंने जेआई के टूटने से आने वाले समय में खतरनाक इकाइयों के उभरने के खतरे को लेकर सतर्क किया है। मंत्रालय ने कहा कि बहुजातीय सिंगापुर, जो वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियों का केंद्र है, दक्षिण-पूर्व एशिया में आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ हमेशा सतर्क और चौकस रहता है।

उसने चेतावनी दी है कि सिंगापुर में आतंकवाद का खतरा बना हुआ है और देश आतंकवादियों के लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य बना हुआ है। सिंगापुर के गृह मंत्रालय ने जनता से सतर्क रहने को कहा। वहीं, किसी संदिग्ध गतिविधियों का पता चलने पर पुलिस या आंतरिक सुरक्षा विभाग से तुरंत संपर्क करने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि इंडोनेशिया के आतंकवादी समूह जेमाह इस्लामिया का ही दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ सबसे घातक हमलों के पीछे हाथ है।

2002 में बाली पर किया था हमला
बता दें, अमेरिका द्वारा आतंकवादी ग्रुप घोषित जेमाह इस्लामिया एक अल-कायदा से जुड़ा ग्रुप है। इसका मकसद इंडोनेशिया और पूरे दक्षिण पूर्व एशिया में एक कट्टरपंथी इस्लामी राज्य स्थापित करना है। इस आतंकवादी समूह ने 2002 में इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर बम विस्फोट कर 202 लोगों की जान ले ली थी। इस विस्फोट मरने वाले ज्यादातर विदेशी पर्यटक थे। मंत्रालय ने आगे कहा, 'सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से दक्षिण पूर्व एशिया में इस्लामी खलीफा की स्थापना के लक्ष्य सहित जेआई की कट्टरपंथी विचारधाराओं का कुछ समूहों और व्यक्तियों के बीच अपील जारी रहने की संभावना है।' इंडोनेशिया में जेआई नेताओं ने इंडोनेशिया के राष्ट्रीय पुलिस आतंकवाद निरोधी दस्ते द्वारा 30 जून को आयोजित एक कार्यक्रम में समूह के टूटने का एलान किया था। सिंगापुर सरकार ने कहा कि इंडोनेशिया में जेआई का टूटना इंडोनेशियाई अधिकारियों के एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम और बड़ी उपलब्धि है।