नेकां और पीडीपी दोनों केंद्र शासित प्रदेश को उसके ‘मुश्किलों भरे दौर’ में वापस ले जाना चाहती हैं : राम माधव

श्रीनगर
 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में पूर्व आतंकवादियों का समर्थन लेने का आरोप लगाया और कहा कि दोनों पार्टियां केंद्र शासित प्रदेश को उसके ‘मुश्किलों भरे दौर’ में वापस ले जाना चाहती हैं।

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के लिए पार्टी का चुनाव प्रभारी नियुक्त किए गए माधव ने अब्दुल्ला और मुफ्ती परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों परिवारों को बाहर का रास्ता दिखाए जाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास सूचना है कि पूर्व आतंकवादी नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के उम्मीदवारों के लिए खुलेआम प्रचार कर रहे हैं। लोगों को उन पार्टियों को हराना होगा जो जम्मू-कश्मीर को उसके बुरे दौरे में वापस ले जाना चाहती हैं और नए नेतृत्व का समर्थन करना होगा जो शांति और प्रगति चाहता है।’’

माधव, लाल चौक विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार एजाज हुसैन के नामांकन के दौरान यहां मौजूद थे।

माधव ने यहां पत्रकारों से चर्चा में नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी द्वारा जारी चुनाव घोषणापत्र का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों क्षेत्रीय दल जम्मू-कश्मीर को उसके पुराने और समस्याग्रस्त दिनों में वापस ले जाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को याद दिलाना चाहता हूं कि नेकां, पीडीपी और अन्य ने घोषणापत्र जारी किया है जो जम्मू-कश्मीर को पुराने और समस्याओं भरे दिनों में वापस ले जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में नई पार्टियां और नए नेता उभरेंगे जबकि जम्मू क्षेत्र में भाजपा शांति और विकास की प्रतिनिधि के रूप में उभरेगी।

उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा के नेतृत्व में एक नई सरकार बनेगी।

कई युवा चेहरों को चुनाव मैदान में उतारे जाने के बारे में पूछे जाने पर भाजपा नेता ने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों की रणनीति है क्योंकि वे नया नेतृत्व चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अच्छी संख्या में युवा आगे आ रहे हैं और उनका समर्थन किया जाना चाहिए। यह राज्य दो परिवारों की गिरफ्त में था, उन दो परिवारों को बाहर का रास्ता दिखाने की जरूरत है।’’

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के परिवारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘राज्य को इन परिवारों से छुटकारा पाने की जरूरत है।’’

यह पूछे जाने पर कि खंडित जनादेश आने पर क्या भाजपा किसी दल के साथ गठबंधन करेगी, माधव ने कहा कि भाजपा सबसे बड़े दल के तौर पर उभरेगी लेकिन ‘यदि ऐसी स्थिति बनती है तो हम इस पर बाद में चर्चा करेंगे’।

उन्होंने प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के पूर्व सदस्यों के चुनाव मैदान में उतरने का स्वागत किया।

उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में सभी के लिए जगह है। हम उन सभी का स्वागत करते हैं जो लोकतंत्र के माध्यम से चुनाव लड़ने के लिए आगे आना चाहते हैं। लेकिन, किसी को भी आतंकवादियों और पूर्व आतंकवादियों के समर्थन का उपयोग करके चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। मतदान शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से होगा। यह (नरेन्द्र) मोदी का आश्वासन है, जैसे संसद चुनाव पारदर्शी तरीके से संपन्न हुए थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कई लोगों (जमात-ए-इस्लामी के पूर्व सदस्यों) ने महसूस किया है कि यहां चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से होते हैं। इसलिए, यही कारण है कि वे चुनाव लड़ने के लिए आगे आए हैं और हम उन सभी का स्वागत करते हैं जो चुनाव लड़ना चाहते हैं।’’

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री छह सितंबर को जम्मू क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद प्रधानमंत्री और अन्य नेता भी आएंगे।’’