घरौंडा
शहर के वार्ड नंबर-15 में गंदे नाले के पास रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। राजस्थान के बागड़ धाम जा रहे श्रद्धालुओं से भरा कैंटर हाईटेंशन बिजली की तार के संपर्क में आ गया।
तार छूते ही कैंटर में करंट दौड़ गया और उसमें सवार एक दर्जन से अधिक महिला, पुरुष और बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद कैंटर में आग भी लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि कैंटर में रखे गैस सिलेंडर नहीं फटे, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था।
राजस्थान के बागड़ धाम जा रहे थे श्रद्धालु
जानकारी के अनुसार घरौंडा से करीब 40 से 50 श्रद्धालु कैंटर में सवार होकर राजस्थान के बागड़ धाम के लिए धार्मिक यात्रा पर निकले थे। कैंटर में श्रद्धालुओं के साथ खाने-पीने का सामान भी रखा हुआ था। इसके अलावा कैंटर में गैस सिलेंडर भी रखे हुए थे, जिनका इस्तेमाल यात्रा के दौरान खाना बनाने के लिए किया जाना था।
बताया जा रहा है कि कैंटर को शहर के वार्ड नंबर-15 स्थित गंदे नाले के पास खड़ा किया गया था। इसी दौरान कैंटर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तार उसके संपर्क में आ गई। तार के कैंटर को छूते ही उसमें तेज करंट दौड़ गया। देखते ही देखते कैंटर में सवार श्रद्धालु करंट की चपेट में आ गए और कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
करंट लगने के बाद कैंटर में लगी आग
हाईटेंशन तार के संपर्क में आने के बाद कैंटर में आग भी लग गई। कैंटर के अंदर आग की लपटें उठती देख श्रद्धालुओं और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लोग घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुट गए। सबसे बड़ी चिंता कैंटर में रखे गैस सिलेंडरों को लेकर थी।
यदि आग की चपेट में आने से सिलेंडर फट जाते तो आसपास मौजूद लोगों की जान पर भी बड़ा खतरा पैदा हो सकता था और हादसा बेहद गंभीर रूप ले सकता था।
स्थानीय लोगों की तत्परता से घायलों को कैंटर से बाहर निकाला गया और उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए।
सभी घायलों को करनाल ट्रामा सेंटर किया रेफर
हादसे में झुलसे सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद करनाल के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। गंभीर रूप से झुलसे महिला, पुरुष और बच्चों को उपचार के लिए करनाल ले जाया गया। हादसे की सूचना मिलते ही घायलों के परिजनों में भी हड़कंप मच गया और वे अपने परिजनों की कुशलक्षेम जानने के लिए अस्पताल की ओर दौड़ पड़े।
धार्मिक यात्रा की खुशियां चीख-पुकार में बदलीं
बताया जा रहा है कि सभी श्रद्धालु बागड़ धाम की धार्मिक यात्रा को लेकर उत्साहित थे। करीब 40 से 50 लोग एक साथ कैंटर में सवार होकर निकले थे। लेकिन वार्ड नंबर-15 में कुछ देर के लिए कैंटर खड़ा करना उनके लिए जिंदगी का सबसे खौफनाक पल बन गया। हाईटेंशन तार के संपर्क में आते ही कैंटर में बैठे लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई।
चालक की लापरवाही पर भी उठे सवाल
हादसे के बाद कैंटर चालक की लापरवाही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि कैंटर को हाईटेंशन तारों के नीचे खड़ा किया गया था तो वाहन की ऊंचाई और तारों की स्थिति को देखते हुए चालक को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए थी। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह और इसमें किसकी लापरवाही रही, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
बड़ा सवाल— खतरनाक स्थान पर कैसे खड़ा हुआ कैंटर?
हादसे ने बिजली की हाईटेंशन तारों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान पर कैंटर खड़ा था, वहां से हाईटेंशन तार गुजर रही थी। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि तारों की ऊंचाई कितनी थी और क्या वहां भारी वाहनों को खड़ा करने की अनुमति अथवा सुरक्षित व्यवस्था थी।
अगर करंट लगने के बाद कैंटर में रखे गैस सिलेंडर फट जाते तो हादसे में झुलसे लोगों के अलावा आसपास खड़े लोगों और वाहनों को भी भारी नुकसान हो सकता था। समय रहते लोगों के कैंटर से बाहर निकलने और सिलेंडरों के न फटने से एक और बड़े हादसे की आशंका टल गई।
पुलिस और प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। हादसे में झुलसे सभी घायलों का करनाल ट्रामा सेंटर में उपचार चल रहा है। घटना के बाद श्रद्धालुओं के परिवारों में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है।








