झारखंड में महिलाओं के हुनर से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

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 रांची
 झारखंड के ग्रामीण इलाकों में हुनरमंद महिलाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवन देने की तैयारियों में ग्रामीण विकास विभाग जुट गया है।

विभाग ने कुछ नए क्षेत्रों में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं, जिनमें नोटबुक कापी निर्माण का कार्य प्रमुख तौर पर बेहतर है। एक-एक कापी से महिलाओं को छह से आठ रुपये तक का फायदा हो रहा है।

इसके अलावा भी कई और क्षेत्रों में महिलाओं के लिए काम तलाशे जा रहे हैं। तमाम प्रयासों के पीछे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना भी मकसद है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में इसकी अपनी अलग भूमिका है।

झारखंड सरकार महिला उद्यमियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव करने की तैयारियों में जुटी है। आजीविका को बढ़ावा देने के साथ ही ग्रामीणों को समृद्धि की ओर ले जाने की कोशिश की जा रही है।

महिलाओं को खेती किसानी से निकालकर आर्थिक गतिविधियों में शामिल किया जा रहा है ताकि आमदनी का सिलसिला जारी रहे। जीविकोपार्जन के लिए नित्य नए प्रयास भी हो रहे हैं।

इसी कड़ी में अब इन्हें तशर सिल्क के उत्पादन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। बड़ी संख्या में पहले से ही महिलाएं तशर सिल्क के उत्पादन से जुड़ी हुई हैं। अब इन्हें संगठित कर नए सिरे से काम काज में लगाने की तैयारी है।

होम स्टे के लिए ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण देने की तैयारी
नई दिल्ली में हाल में ही आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के दौरान पर्यटन विकास विभाग की योजनाओं पर चर्चा के दौरान होम स्टे पालिसी को प्राथमिकता दी गई है।

इसी क्रम में अब ग्रामीण महिलाओं को इसके लिए प्रोत्साहित करने का निर्णय ग्रामीण विकास विभाग ने लिया है और अब सुदूर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को इसके लिए प्रशिक्षित करने की तैयारी है।

होम स्टे के लिए राज्य सरकार ने 2.5 लाख प्रति कमरे की दर से सब्सिडी उपलब्घ कराने की बात कही है। इसके लिए ब्याज सब्सिडी का भी प्रविधान है। खासकर महिलाओं के द्वारा संचालित होम स्टे को अन्य कई प्रकार की सुविधाएं दी जाएंगीं।

 

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