रायपुर में BTI मैदान के पास जमीन पर बनेगा कमर्शियल और आवासीय प्रोजेक्ट, लोगों को मिलेंगी नई सुविधाएं

SHARE:

रायपुर.

बीटीआई मैदान शंकरनगर में नहीं, बल्कि उसकी लगी हुई जमीन पर बोर्ड का नया कमर्शियल और आवासीय प्रोजेक्ट लाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए बीटीआई मैदान की एक फीट जमीन नहीं ली जाएगी। इस बात का खुलासा छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अफसरों ने किया है।

रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक पुरंदर मिश्रा ने पिछले हफ्ते ही चेतावनी दी थी कि मैदान को जमीन पर कोई प्रोजेक्ट नहीं लाने दिया जाएगा। लगातार बढ़ते विवाद के बाद ही बताया गया है कि प्रोजेक्ट शुरू से बीटीआई मैदान के किनारे कर्मचारियों के लिए बने जर्जर मकानों को तोड़कर जो जमीन खाली होगी उस पर लाया जाएगा। प्रोजेक्ट में कभी भी बीटीआई मैदान की जमीन को शामिल नहीं किया गया था। बीटीआई मैदान में बने पुराने मकानों को तोड़ने का काम जल्द शुरू किया जाएगा। वहां मौजूद दूसरे भक्तों की शिफ्टिंग, जमीन का नापजोख समेत सभी काम पहले ही पूरे कर लिए गए हैं। नया कमर्शियल आवासीय प्रोजेक्ट इतना भव्य है कि वो सड़क से ही दिखाई देगा। इसकी ड्राइंग-डिजाइन भी तैयार हो गई है। यहां ऐसे फ्लैट और दुकानें बनाई जाएंगी जिसे आम लोग आसानी से खरीद सकेंगे।

बीटीआई मैदान से लगकर हाउसिंग बोर्ड को करीब 34,947 वर्गमीटर जमीन मिलेगी, इसमें मुख्य सड़क की तरफ 88 रिटेल दुकानें और कमर्शियल स्पेस बनाए जाएंगे। बाजार और आम लोगों को जरूरतों के अनुसार दुकानें, कैफे, सुविधा केंद्र आदि यहां खोले जाएंगे। इसके साथ ही 50 से ज्यादा फ्लैट बनाए जाएंगे। इसमें ईडब्ल्यूएस वालों के लिए भी फ्लैट आरक्षित रहेंगे। नए प्रोजेक्ट में हाईटेक सुविधाएं, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन, क्लब हाउस, कम्यूनिटी हॉल, ग्रीन स्पेस, गार्डन क बे, सोलर ऊर्जा सिस्टम, रेनवॉटर हास्टिंग एलईडी लाइटिंग आदि की सुविधा होगी।

1
Default choosing

Did you like our plugin?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

चीन के पास 1800 लड़ाकू विमान, फिर भी भारत से हवाई जंग में क्यों कमजोर पड़ सकता है ड्रैगन? India-China Air War: चीन के पास ज्यादा फाइटर जेट, लेकिन तिब्बत के एयरबेस बन सकते हैं बड़ी चुनौती; जानें वजह भारत-चीन हवाई मुकाबले में सिर्फ विमानों की संख्या नहीं, ऊंचाई और हथियार भी अहम; समझें ड्रैगन की मुश्किलें

Horoscope

Weather

और पढ़ें

चीन के पास 1800 लड़ाकू विमान, फिर भी भारत से हवाई जंग में क्यों कमजोर पड़ सकता है ड्रैगन? India-China Air War: चीन के पास ज्यादा फाइटर जेट, लेकिन तिब्बत के एयरबेस बन सकते हैं बड़ी चुनौती; जानें वजह भारत-चीन हवाई मुकाबले में सिर्फ विमानों की संख्या नहीं, ऊंचाई और हथियार भी अहम; समझें ड्रैगन की मुश्किलें

राज्य

शहर चुनें