चंडीगढ़
भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट में पंजाब के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. जिसमें उच्चतम न्यायालय ने ट्रायल में तेजी लाने को कहा. सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में गवाहों की जल्द गवाही कराने पर जोर दिया. इस मामले की अब अगली सुनवाई चार हफ्तों के बाद होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब पुलिस के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में गवाहों की सुनवाई तेजी से पूरी करने पर जोर दिया है. बता दें कि भुल्लर ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जमानत देने से इनकार करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
ऐसे में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए जल्दी ट्रायल करने के अहम निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान निलंबित DIG भुल्लर की ओर से कहा गया कि ट्रायल रोजाना के आधार पर चलना था, लेकिन दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया।
निलंबित DIG भुल्लर की ओर से शिकायतकर्ता की जिरह पूरी होने के बाद दो अन्य महत्वपूर्ण गवाहों की तुरंत गवाही कराने की मांग भी की गई. ये दोनों गवाह भुल्लर के अधीन काम कर चुके हैं. अभियोजन पक्ष ने भी गवाहों को महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी जिरह बिना देरी के कराने की बात कही।
भुल्लर की ओर से कहा गया कि उनकी तरफ से ट्रायल में देरी नहीं की गई है और निचली अदालत पहले ही लगातार सुनवाई तय कर चुकी है. वे इसमें पूरा सहयोग कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने हरचरण सिंह भुल्लर के इस आश्वासन को रिकॉर्ड किया कि वह गवाहों की जांच में पूरा सहयोग करेंगे. लिहाजा कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से कार्यवाही में तेजी लाने का निर्देश दिया. अब इस मामले को चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
क्या है मामला ?
CBI ने अक्टूबर 2025 में हरचरण सिंह भुल्लर को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था. आरोप है कि रोपड़ रेंज के DIG रहते हुए उन्होंने एक निजी बिचौलिए के जरिए अवैध रिश्वत की मांग की थी।
CBI के मुताबिक, मामले में सह-आरोपी को शिकायतकर्ता से कथित रिश्वत के तौर पर 5 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया था।
इस मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भुल्लर की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी. इससे पहले 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी थी. उस दौरान CJI ने मामले को खारिज किए जाने की संभावना पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अदालत महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही के बाद याचिका पर विचार करेगी।








