ऑपरेशन मेट्रिक्स 2.0 के तहत नीमच पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 04 आरोपी गिरफ्तार
62 एटीएम कार्ड, 09 पासबुक, 08 चेकबुक, 08 मोबाइल, लैपटॉप, मैकबुक, एटीएम स्वैप मशीन, वाहन एवं 51,500 रूपए नगद जब्त

भोपाल
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम तथा साइबर ठगी में उपयोग किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम ‘ऑपरेशन मेट्रिक्स 2.0’ के तहत नीमच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शेयर ट्रेडिंग में टिप्स देने और अधिक मुनाफे का लालच देकर आमजनों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने प्रकरण में 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से विभिन्न बैंकों के 62 एटीएम कार्ड, 09 पासबुक, 08 चेकबुक, 08 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप, 01 मैकबुक, 01 एटीएम स्वैप मशीन, 01 हुंडई ऑरा वाहन तथा ₹51,500 नगद जब्त किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नीमच श्री राजेश व्यास के निर्देशन में नीमच सिटी थाना एवं साइबर सेल की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा की गई।

I4C से प्राप्त संदिग्ध म्यूल खातों के डेटा के आधार पर कार्रवाई
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से प्राप्त संदिग्ध म्यूल बैंक खातों एवं एटीएम निकासी से संबंधित डेटा राज्यों को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसी डेटा के आधार पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ऐसे बैंक खातों के धारकों एवं उनसे जुड़े व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।

प्राप्त तकनीकी जानकारी एवं मुखबिर सूचना के आधार पर नीमच पुलिस ने विभिन्न बैंक खातों से जुड़ी एटीएम निकासी की लोकेशन का विश्लेषण किया। कार्रवाई के दौरान बैंक एवं एटीएम बूथ के आसपास से संदिग्ध व्यक्तियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सामने आया कि गिरोह से जुड़े व्यक्ति स्वयं तथा अन्य लोगों के बैंक खातों की किट—जिसमें एटीएम कार्ड, पासबुक एवं चेकबुक शामिल थीं—एक अन्य आरोपी को उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त राशि को स्थानांतरित करने एवं निकालने के लिए किया जा रहा था। पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई करते हुए गिरोह के अन्य सदस्य को भी अभिरक्षा में लिया गया।

फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया के माध्यम से बनाते थे शिकार
जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा ‘moneygrow.live’ नाम से फर्जी वेबसाइट तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं फोन कॉल के माध्यम से लोगों से संपर्क किया जाता था। शेयर मार्केट ट्रेडिंग में बेहतर टिप्स देने और कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर पीड़ितों को राशि निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता था। इसके बाद पीड़ितों से राशि गिरोह द्वारा उपलब्ध कराए गए म्यूल बैंक खातों में स्थानांतरित कराई जाती थी।

प्रकरण में थाना नीमच सिटी में आईटी एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। जब्त किए गए विभिन्न बैंक खातों के एटीएम कार्ड, पासबुक एवं चेकबुक के संबंध में भी विस्तृत जांच जारी है।

 

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