पटना
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नेभारी बारिश और बाढ़ के कारण फसल का नुकसान झेलने वाले किसानों के खाते में कृषि इनपुट अनुदान की राशि भेजी। सीएम ने कुल 2 लाख 48 हजार 407 किसानों के बैंक खाते में लगभग 112.52 करोड़ रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए भेजे। सीएम ने कहा कि राज्य भर के 4.57 लाख किसानों ने कृषि इनपुट के लिए आवेदन किया था। पहले चरण में 2.48 लाख पात्र किसानों को आर्थिक मदद ट्रांसफर कर दी गई है। बाकी किसानों को पैसा कब मिलेगा, यह भी सीएम ने बता दिया है।
सम्राट चौधरी ने पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद हॉल में कृषि विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बुधवार को कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत लाभार्थियों को राशि ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय किसानों को मदद पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता रही है। सरकार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को समय पर आर्थिक राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे फिर से खेती का काम शुरू कर सकें।
बचे हुए किसानों को कब मिलेगा कृषि इनपुट का पैसा?
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फसल का नुकसान झेलने वाले जिन किसानों को कृषि इनपुट अनुदान पहले चरण में नहीं भेजा गया है, उन्हें दूसरे फेज में यह राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि दूर्गा पूजा के बाद यह पैसा भेज दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश भी दिया कि वे 22 अक्टूबर से एक विशेष अभियान चलाएं, ताकि बाढ़ से फसल नुकसान झेलने वाले जिन किसानों को आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है, उन्हें भी अनुदान मिल सके। सीएम ने स्पष्ट कहा कि आपदा से प्रभावित कोई भी किसान अनुदान से वंचित नहीं रहना चाहिए।
फसल नुकसान पर कितना अनुदान देती है बिहार सरकार?
दरअसल, बिहार सरकार बारिश और बाढ़ जैसे प्राकृतिक कारणों से फसल खराब होने पर किसानों को कृषि इनपुट अनुदान देती है। इस योजना के तहत किसानों को बिना सिंचाई वाले क्षेत्र में 8500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्रों में 17000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बारहमासी फसलों के लिए 22500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से आर्थिक सहायता दी जाती है।
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि इनपुट अनुदान के जरिए सरकार आपदा के समय किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करती है। फसल का नुकसान होने के बाद किसानों को अपनी खेती का कार्य जारी रखने के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बाढ़ के दौरान राहत कार्यों में समन्वय के लिए कृषि विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों द्वारा किए गए कार्यों की भी सराहना की।
सीएम ने कहा कि बिहार सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने, उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और कृषि क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने किसानों की चिंताओं को दूर करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों का भी जिक्र किया।
इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी एवं बिजेंद्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा और प्रदेश के वरीय अधिकारी शामिल हुए।
किस जिले में कितने किसानों को मिला अनुदान-
बेगूसराय 50,579
भागलपुर 74,455
समस्तीपुर 29,995
भोजपुर 36,097
वैशाली 12,146
पूर्णिया 5,963
मधेपुरा 8,832
पटना 5,845
मुंगेर 2,575
औरंगाबाद 3,776
अरवल 2,773
लखीसराय 4,846
कटिहार 2,892
सारण 3,330
शेखपुरा 1,449
खगड़िया 2,388
पश्चिम चंपारण 414
कैमूर 319








