चंडीगढ़.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का ऐलान किया था। हालांकि सीजेपी के लीडरों की गिरफ्तारी के बाद प्रोटेस्ट हो नहीं पाया।
अब इस प्रोटेस्ट में कांग्रेस ने भी छलांग लगा दी है और पंजाब के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर ऐलान कर दिया है कि वो चुप रहने वाले नहीं हैं।
जंतर-मंतर पर पहली बार कब हुआ प्रदर्शन –
देश की राजधानी दिल्ली के बीचों-बीच स्थित जंतर-मंतर एक ऐसी जगह रही है जो सालों से भारत के लोकतंत्र की आवाज बुलंद करने की जगह रही है। सालों से यह जंतर-मंतर शोषितों की व्यथा का गवाह रहा है और यहीं से कई ऐसे आंदोलन हुए जिसने कई बार सरकारों को झुकाया और सत्ता परिवर्तन हुए। अब एक बार फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों से रोक लगा दी गई है। दरअसल 12 अक्तूबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने आदेश जारी करते हुए जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डिनोटिफाई कर दिया है। इसका मतलब ये है कि अब यहां कोई धरना-प्रदर्शन आदि नहीं हो सकेगा।








