धमतरी.
धमतरी में नया इतिहास रचा गया है. धर्मांतरण के दबाव में एक युवक ने जान दे दी थी. मामले में कोर्ट ने युवक की पत्नी के साथ सास-ससुर और दोनों सालियों को दोषी पाते हुए पांच-पांच साल का कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ पांच-पांच सौ रुपए का अर्थदंड लगाया है.
पूरा मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र के पोटियाडीह गांव का है. 6 सितंबर 2024 को लिनेश साहू नाम के युवक ने आत्महत्या कर ली थी. आरोप है कि लिनेश की पत्नी, उसके सास-ससुर और दो सालियां लगातार ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहे थे. लिनेश बार-बार मना करता रहा, लेकिन दबाव खत्म नहीं हुआ. तंग आकर उसने पहले वाट्सअप-इंस्टाग्राम में स्टेट्स रखकर सारी समस्या बताई, फिर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी, और अब घटना के लगभग एक साल बाद अप सत्र न्यायाधीश अर्चना भास्कर ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है.
कोर्ट ने पत्नी करुणा बाई साहू के साथ ससुर राजकुमार साहू, सास गौरी साहू, सालियां किरण और कनिष्का साहू को दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल का कठोर कारावास और पांच-पांच सौ रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है. मामले में लोक अभियोजक गीतेश प्रजापति थे.








