चंडीगढ़
पंजाब सरकार ने नगर निगमों में कारपोरेशन सेक्रेटरी बनने के लिए पदोन्नति के नियम बदल दिए हैं। अब इस पद के 90 प्रतिशत पद कारपोरेशन सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के कर्मचारियों में से पदोन्नति करके भरे जाएंगे। वहीं 10 प्रतिशत पद सुपरिंटेंडेंट (सैनिटेशन) के कर्मचारियों को पदोन्नति देकर भरे जाएंगे। स्थानीय निकाय विभाग ने इस संबंध में 28 सितंबर को अधिसूचना जारी की है।
नए नियम के अनुसार कारपोरेशन सेक्रेटरी के 90 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति पाने के लिए कर्मचारी का ग्रेजुएट होना जरूरी होगा। साथ ही उसके पास संबंधित सेवा में कम से कम चार साल का अनुभव होना चाहिए। यह ग्रेजुएशन किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से होना जरूरी है।
इसी तरह 10 प्रतिशत पद सुपरिंटेंडेंट (सैनिटेशन) के कर्मचारियों के लिए रखे गए हैं। इस श्रेणी में पदोन्नति के लिए भी ग्रेजुएशन और चार साल का अनुभव जरूरी होगा। यानी नगर निगमों में सेक्रेटरी के पद पर पहुंचने के लिए अब दोनों श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की शर्त पूरी करनी होगी।
1978 के नियम में संशोधन
सरकार ने यह बदलाव पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन सर्विसेज के वर्ष 1978 में बनाए गए भर्ती और सेवा नियमों में किया है। इसके लिए नियमों के अपेंडिक्स-बी में बदलाव किया गया है। सरकार का यह संशोधन सरकारी गजट में प्रकाशित होने के साथ ही लागू हो गया है।
सुपरिंटेंडेंट सैनिटेशन के लिए भी तय पद
नए नियमों से यह भी साफ हो गया है कि कारपोरेशन सेक्रेटरी के पद पर पदोन्नति के लिए कितने पद किस कैडर से भरे जाएंगे। कुल पदों में से 90 प्रतिशत का हिस्सा सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 और 10 प्रतिशत हिस्सा सुपरिंटेंडेंट (सैनिटेशन) के लिए तय किया गया है।
स्थानीय निकाय विभाग के सचिव घनश्याम थोरी, आईएएस की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि नियमों में यह बदलाव सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद किया गया है। यह संशोधन पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट, 1976 के तहत सरकार को मिले अधिकारों के आधार पर किया गया है।







