नई दिल्ली
समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के दावे पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि लुटियंस कांग्रेसियों यूपी की 403 सीटों पर चुनाव लड़ो, अगली 5 पुश्तों से अब कभी कोई तथाकथित गांधी PM नहीं बनेगा. 1989 से गांधी परिवार को PM की कुर्सी नसीब नहीं हुई न आगे कई दशकों तक होगी. सिंह यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि सभी कांग्रेसी दिल्ली में बैठकर दिन में मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखते हैं.
राहुल गांधी को राजनीति में आए ढाई दशक बीत गए हैं: सिंह
सिंह ने कहा कि लुटियंस कांग्रेस के स्वयंभू रणनीतिकारों से सीधा सवाल है…अगर यूपी में कांग्रेस का इतना ही जनाधार है, तो 403/403 सीटों पर अकेले चुनाव लड़कर अपनी ताकत क्यों नहीं आजमाते? कब तक गठबंधन की बैसाखियों और राजनीतिक इवेंटबाजी के सहारे जनता को भ्रमित करने की कोशिश होती रहेगी? राहुल गांधी को राजनीति में आए ढाई दशक बीत गए. पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन कांग्रेस आज भी वही सवालों के घेरे में खड़ी है. आखिर हासिल क्या हुआ?
जनता के बीच संगठन कितना मजबूत हुआ? कार्यकर्ताओं को जमीन पर कितनी ताकत मिली? सिर्फ कैमरे, मंच और बड़े-बड़े बयान राजनीति में जनाधार नहीं बनाते. जनाधार सड़क पर संघर्ष, बूथ पर संगठन और जनता के बीच लगातार मौजूदगी से बनता है. और रही कांग्रेस-भाजपा के कथित ‘पैक्ट’ की बात—तो यह आरोप नहीं, जनता के सामने उठ रहा एक राजनीतिक सवाल है.
कांग्रेस स्पष्ट करे अपनी राजनीति: सिंह
कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी राजनीति वास्तव में किसके लिए और किस दिशा में है. सपा मध्य प्रदेश में 120 सीटों पर अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी, जिसके लिए कैंडिडेट का चयन शुरू हो चुका है. अंततः फैसला मंच नहीं, जनता की अदालत करती है. विनाश काले विपरीत बुद्धि.
आपको बता दें कि 2024 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस और सपा ने मिलकर लड़ा था. ऐसे में यह गठबंधन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी जारी रहने की उम्मीद है. हालांकि, दोनों ही पार्टियों में कुछ सीटों को लेकर खींचतान देखने को मिल रही है. वहीं आईपी सिंह के बयान से सपा-कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ने पर घमासान मच सकता है. जबकि अखिलेश यादव पहले ही अपनी पार्टी के नेताओं को कांग्रेस के खिलाफ इस तरह की बयान बाजी न करने की हिदायत दे चुके हैं.







