हरियाणा में किसानों को बड़ी राहत, गोशालाओं को ₹10 प्रति लीटर सब्सिडी की तैयारी

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चंडीगढ़
 हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे और उनकी जमीनी प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि बेस्ट प्रैक्टिस का उद्देश्य केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों, ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और आमजन को वास्तविक लाभ देना होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने गोशालाओं को दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत 10 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी देने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए हैं।

सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में कृषि, उद्यान, कृषि विपणन, विकास एवं पंचायत, सिंचाई एवं जल संसाधन तथा सहकारिता विभाग की योजनाओं और तकनीकी सुधारों की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि उर्वरक वितरण प्रणाली को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ से जोड़ने के बाद सत्यापित किसानों को पीओएस मशीन से खाद मिल रही है। आठ अक्टूबर 2025 से 14 सितंबर 2026 तक इससे 820 करोड़ रुपये की सब्सिडी बचत दर्ज की गई।

कृषि वैज्ञानिकों को खेतों में जाकर किसानों से संवाद करने और कीट-रोगों की समस्या पर शोध करने के निर्देश दिए गए। फसलों में कीटों की समय पर पहचान के लिए ई-पेस्ट सर्विलांस सिस्टम विकसित करने के निर्देश सीएम ने दिए हैं। नई फसल किस्मों और कृषि तकनीक पर शोध के लिए विशेष रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा।

भावांतर भरपाई योजना में फसल उत्पादन और मंडी बिक्री का प्रभावी सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पात्र किसानों को पूरा भुगतान मिले। किसान जीवन सुरक्षा योजना में बीमा कंपनियों को पात्र किसानों को वास्तविक नुकसान के अनुरूप पूरा लाभ देने के निर्देश दिए गए।

गांवों में शिक्षा, रोजगार, पानी और स्वास्थ्य पर फोकस
प्रदेश में 996 अटल लाइब्रेरियां स्थापित हो चुकी हैं और 86.6 करोड़ रुपये से 1,000 नई लाइब्रेरियां बनाई जा रही हैं। इनमें से 500 का उद्घाटन 25 दिसंबर 2026 को सुशासन दिवस पर करने के निर्देश सीएम ने दिए। बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को शामलात भूमि पर डेयरी से जोड़ने पर जोर। योजना के तहत अब तक 1,005 आवेदन मिले हैं।
    468 ग्रामीण इंडोर जिम स्थापित हो चुके हैं और 234 अन्य के आदेश जारी किए गए हैं।
    नहरों के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंचाने तथा माइक्रो-इरिगेशन और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश।
    दूध की गुणवत्ता व मिलावट की नियमित जांच और कैटल फीड की निगरानी के निर्देश दिए गए।
    सहकारी समितियों का आनलाइन पंजीकरण तीन कार्य दिवस में किया जाना है। 2019 से अब तक 9,165 समितियां आनलाइन पंजीकृत हुई हैं।
    चीनी मिलों में एडवांस टोकन सिस्टम से किसानों का इंतजार 11-15 घंटे से घटकर करीब 1-2 घंटे रह गया है।

 

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