पटना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में संसाधन की कमी नहीं है। राज्य के कई जिलों में खनिज संपदाओं का भंडार मिला है, जिससे प्राप्त होने वाली रॉयल्टी का उपयोग बिहार की जनता के हित और राज्य के विकास में किया जाएगा। इन खनिज संपदाओं से राज्य को लगभग छह से सात हजार करोड़ रुपये का सालाना राजस्व मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार को पटना में कोयला एवं खान मंत्रालय द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी एवं एनएमईडीटी कार्यशाला के उद्घाटन के मौके पर यह बात कही। कार्यशाला में गया और रोहतास स्थित तीन ब्लॉक सहित देश के कुल 20 खनिज ब्लॉकों की नीलामी पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोहतास में लाइम स्टोन, जहानाबाद तथा जमुई में मैग्नेट और औरंगाबाद, गया, बांका एवं भागलपुर में खनिज का बड़ा रिसोर्स है। इन सभी का सदुपयोग करना है। खनिज संपदा का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। राज्य में खनिज केंद्र स्थापित करने के साथ नवंबर तक पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई खनिज ब्लॉकों का टेंडर किया गया है और कुछ की प्रक्रिया चल रही है। खनिज ब्लॉक आवंटन के रिकॉर्ड नौ महीने में खनन कार्य को पूर्ण करने का प्रयास होगा। पत्थर के 44 ब्लॉकों में से 28 में सर्वे का काम आगे बढ़ा है। 30 सितम्बर के पहले 30 से अधिक ब्लॉक आवंटित कर दिये जायेंगे। 15 अक्तूबर से खनन कार्य शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से निर्भीक होकर अपने काम को आगे बढ़ाने का आग्रह किया और कहा कि सरकार हर तरह से सहयोग करेगी।
इस अवसर पर खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ प्रमोद कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव कदम संदीप वसंत, निदेशक आशीष सक्सेना, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
क्रिटिकल मिनरल में 2047 से पहले आत्मनिर्भर बनेगा भारत : सतीश चंद्र दूबे
केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दूबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार क्रिटिकल मिनरल के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। वर्ष 2047 से पहले भारत आत्मनिर्भर बनेगा और आयात की जगह निर्यात में सक्षम होगा। क्रिटिकल मिनरल्स को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उन्होंने कहा कि सुई से लेकर जहाज तक, सभी जगह इसकी उपयोगिता है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि वृहद खनिजों के मिलने से निवेश, रोजगार और सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर राज्य सरकार समय से पहले खनन कार्य पूरा करती है तो उपरोक्त समय अवधि के लिए प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।








