पानीपत
सावन के छठे दिन मंगलवार को मानसून ने हरियाणा में जोरदार दस्तक दी। प्रदेश के 16 जिलों में हुई झमाझम वर्षा ने भीषण गर्मी और उमस से राहत तो दिलाई, लेकिन कई जिलों में जनजीवन भी प्रभावित हो गया। पानीपत में 97 एमएम वर्षा के बाद जीटी रोड पर दो घंटे से अधिक समय तक जाम लगा रहा और निर्माणाधीन नाले में एक स्कूली बच्चा गिर गया, जिसे राहगीरों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
कुरुक्षेत्र के लाडवा क्षेत्र में लगातार वर्षा के बीच निर्माणाधीन मकान का लैंटर गिरने से दंपती की मौत हो गई। अंबाला में सर्वाधिक 99.06 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जबकि यमुनानगर में हथनीकुंड बैराज पर जलप्रवाह बढ़ने से लो फ्लड जैसी स्थिति बनी रही।
मौसम विभाग ने चार से छह अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। वर्षा में ढहा लैंटर, मलबे में दबकर दंपती की मौत कुरुक्षेत्र के लाडवा क्षेत्र के गांव बड़ौंदी में लगातार वर्षा के बीच निर्माणाधीन मकान की पिछली दीवार धंसने से लैंटर भरभराकर गिर गया।
मौके पर हुई मौत
मलबे के नीचे दबने से 50 वर्षीय करनैल सिंह और उनकी 45 वर्षीय पत्नी जसविंद्र कौर की मौके पर ही मौत हो गई। मंगलवार सुबह बेटा चाय लेकर पहुंचा तो हादसे का पता चला। ग्रामीणों और पुलिस ने मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
हादसे में ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई। जीटी रोड जाम, नाले में गिरा बच्चा पानीपत में मूसलाधार वर्षा से जीटी रोड की दिल्ली-चंडीगढ़ लेन जलमग्न हो गई, जिससे दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। कई स्थानों पर वाहन पानी में फंस गए। संजय चौक के पास निर्माणाधीन नाले में स्कूल से लौट रहा बच्चा गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दुकान के बाहर बैठा था
हथनीकुंड पर बढ़ा जलप्रवाह, तटबंध भी टूटा उत्तराखंड और हिमाचल के कैचमेंट क्षेत्र में वर्षा के बाद हथनीकुंड बैराज पर 79,630 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई। बैराज के 18 में से 15 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। सोम और पथराला नदी में जलस्तर बढ़ने से रायपुर के पास तटबंध टूट गया, जिससे आसपास के गांवों की हजारों एकड़ कृषि भूमि में पानी भर गया।
जलभराव के बीच हाईटेंशन लाइन में धमाका, दुकानदार की गई जान बहादुरगढ़ के बालौर मोड़ स्थित बाग वाला मुहल्ला में मंगलवार शाम बारिश के बाद जलभराव के बीच हाईटेंशन बिजली लाइन के खंभे पर तेज धमाका हुआ, जिसकी चपेट में आने से 44 वर्षीय दुकानदार ओमप्रकाश की मौत हो गई। वह अपनी नानवेज की दुकान के बाहर बैठा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाके के साथ उसे करंट लगा और वह पानी में गिर पड़ा। स्वजन ने जलभराव और प्रशासनिक लापरवाही को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए बताया कि घटना से कुछ मिनट पहले ही जिला उपायुक्त क्षेत्र का निरीक्षण कर लौटी थीं। ओमप्रकाश पांच बहनों का इकलौता भाई था।








