भोपाल, 1 अगस्त 2026:
सर्वपल्ली राधाकृष्णन विश्वविद्यालय, भोपाल के आरकेडीएफ इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा विश्वविद्यालय की नई शैक्षणिक पहल “SRK IGNITE – Inspiring Minds, Igniting Futures” के अंतर्गत प्रथम विशेषज्ञ व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था “Artificial Intelligence in Everyday Life: What Everyone Should Know”।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. सुनील जोशी, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस विभाग, सैम्राट अशोक तकनीकी संस्थान (SATI), विदिशा ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दैनिक जीवन में बढ़ते प्रभाव तथा उसके सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अपने व्याख्यान में डॉ. जोशी ने बताया कि आज के डिजिटल युग में विभिन्न मोबाइल एप्लीकेशन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, स्मार्ट डिवाइस और ऑनलाइन सेवाएँ उपयोगकर्ताओं की गतिविधियों, पसंद, स्थान, सर्च हिस्ट्री तथा व्यवहार संबंधी जानकारी निरंतर एकत्रित करती हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) इन्हीं आंकड़ों का विश्लेषण कर उपयोगकर्ताओं की रुचियों, आवश्यकताओं और व्यवहार का अनुमान लगाने में सक्षम होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल गोपनीयता (Digital Privacy) के महत्व पर विशेष रूप से जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी एप्लिकेशन को अनावश्यक कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन अथवा कॉन्टैक्ट की अनुमति देने से पहले उसकी आवश्यकता और विश्वसनीयता को समझना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, नियमित प्राइवेसी सेटिंग्स की समीक्षा तथा विश्वसनीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग पर भी बल दिया।
डॉ. जोशी ने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक अत्यंत शक्तिशाली तकनीक है, किंतु इसका सुरक्षित, नैतिक और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग ही इसे समाज के लिए लाभकारी बना सकता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए AI से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. जोशी ने व्यावहारिक उदाहरणों सहित सरल एवं प्रभावी उत्तर दिए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. जी. जी. लाधा, प्रोफेसर, AI एवं ML विभाग, आरकेडीएफआईएसटी ने किया।
यह विशेषज्ञ व्याख्यान SRK IGNITE श्रृंखला का प्रथम आयोजन था। इस पहल के अंतर्गत प्रत्येक शनिवार विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों द्वारा विशेषज्ञ व्याख्यान, कार्यशालाएँ, तकनीकी सत्र, नवाचार गतिविधियाँ एवं उद्योग-शैक्षणिक संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को समकालीन ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।








