पटना
राजधानी में घर-घर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पहुंचाने के लिए गेल इंडिया की ओर से पाइपलाइन नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में पाइपलाइन पहुंच चुकी है और नए घरेलू कनेक्शन देने का काम जारी है।
नौबतपुर से राजधानी के गांधी मैदान तक पीएनजी आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। वहीं दूसरी ओर अनिसाबाद, गर्दनीबाग और मीठापुर होते हुए पाइपलाइन को कंकड़बाग तक पहुंचाया जा चुका है। इसके अलावा शहर के पश्चिमी और मध्य हिस्से के कई इलाकों में भी पाइपलाइन का विस्तार हो चुका है।
गेल के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में अब तक 39 हजार 680 घरों में पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। मार्च के पहले सप्ताह में यह संख्या करीब 29 हजार थी। इस तरह कुछ महीनों में 10 हजार से अधिक नए घर पीएनजी नेटवर्क से जुड़े हैं।
हालांकि, पाइपलाइन पहुंचने के बाद भी कनेक्शन देने की गति अपेक्षाकृत धीमी रहने से कई इलाकों के लोगों को कनेक्शन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इससे उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ रही है।
राजधानी में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के बावजूद अब चुनौती उन इलाकों में तेजी से कनेक्शन देने की है, जहां पाइपलाइन पहुंच चुकी है। अगस्त से अतिरिक्त 50 टीमें लगाए जाने के बाद कनेक्शन की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। इससे अधिक से अधिक परिवारों को पाइप्ड गैस सुविधा से जोड़ने का रास्ता आसान होगा।
इन इलाकों में पहुंच चुकी है पाइपलाइन
जगदेवपथ, आइजीआइएमएस, गोला रोड, दानापुर, पटेलनगर, सीडीए कालोनी, एजी कालोनी, केसरीनगर, इंद्रपुरी, पाटलिपुत्र कालोनी, पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र, बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड और किदवईपुरी के विभिन्न हिस्सों में पीएनजी पाइपलाइन पहुंच चुकी है। इन क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से घरों को कनेक्शन देने की प्रक्रिया चल रही है।
अगस्त से बढ़ेंगी 50 टीमें
गेल के महाप्रबंधक एके सिन्हा ने बताया कि घरेलू पीएनजी कनेक्शन देने की रफ्तार बढ़ाने के लिए टीमों की संख्या बढ़ाई जा रही है। अभी करीब 100 टीमें प्रतिदिन कनेक्शन और उससे जुड़े कार्यों में लगी हैं। अगस्त से 150 टीमें हर दिन काम करेंगी। इससे कनेक्शन देने की प्रक्रिया में तेजी आने और लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा होने की उम्मीद है।
सिलेंडर से अलग होगी रसोई गैस की व्यवस्था
पीएनजी कनेक्शन मिलने के बाद उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी और घर में सिलेंडर रखने की परेशानी से राहत मिलेगी। पाइपलाइन के जरिये घर तक सीधे गैस की आपूर्ति होगी और उपभोक्ताओं को उपयोग के अनुसार बिल का भुगतान करना होगा। इससे रसोई गैस की आपूर्ति अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।








