चंडीगढ़.
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने वीरवार को लोकभवन पंजाब में समाज को नशा मुक्त बनाने और युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से "खेल का उपहार, नशे पर प्रहार" अभियान का शुभारंभ किया।
कर्तव्यनिष्ठ एवं नशा मुक्ति चेतना संघ के संयुक्त तत्वावधान में शुरू किया गया यह अभियान दो माह तक लगातार चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन बच्चों तक खेल सामग्री पहुंचाना है, जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद संसाधनों के अभाव में खेलों में आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। अभियान के अंतर्गत उद्योगपतियों, व्यापारियों, डॉक्टरों, शिक्षाविदों, खिलाड़ियों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों से संपर्क कर उन्हें इस जनआंदोलन से जोड़ा जाएगा। उनके सहयोग से क्रिकेट बैट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी स्टिक, बैडमिंटन रैकेट, खेल किट, जूते एवं अन्य खेल सामग्री एकत्रित कर जरूरतमंद बच्चों को वितरित की जाएगी। अभियान की शुरुआत में 10,000 लोगों को इस जनअभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अभियान के माध्यम से केवल चंडीगढ़ ही नहीं, बल्कि पंजाब में भी नशा मुक्ति चेतना संघ के सहयोग से इसे व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। साथ ही एकत्रित खेल सामग्री हिमाचल प्रदेश के दुर्गम एवं सीमावर्ती (बॉर्डर) गांवों के जरूरतमंद बच्चों तक भी पहुंचाई जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा केवल आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने से वंचित न रहे। अभियान के संयोजक संजीव राणा ने कहा कि यह केवल खेल सामग्री वितरण का अभियान नहीं, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से निकालकर उन्हें खेल, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाने का जनआंदोलन है।








