पटना.
दिल्ली के हाई सिक्योरिटी जोन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने राहुल गांधी के आचरण की आलोचना करते हुए इसे संवैधानिक पद की गरिमा के विपरीत बताया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि हाई सिक्योरिटी जोन में राहुल गांधी द्वारा नियमों की अनदेखी करना संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षणिक राजनीतिक लाभ और सुर्खियां बटोरने के लिए किया गया ऐसा व्यवहार विपक्ष के नेता जैसे संवैधानिक पद की गरिमा पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं, सुरक्षा प्रोटोकॉल और सार्वजनिक मर्यादाओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। उनके अनुसार सार्वजनिक जीवन में आचरण भी उतना ही जिम्मेदार, संयमित और मर्यादित होना चाहिए, जितनी बड़ी जिम्मेदारी उस पद के साथ जुड़ी होती है।
ललन सिंह ने कहा- सस्ती लोकप्रियता की राजनीति
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने भी अपने एक्स पोस्ट में राहुल गांधी के प्रदर्शन की निंदा की। उन्होंने लिखा कि विपक्ष के नेता ने हाई सिक्योरिटी जोन में जिस प्रकार का व्यवहार किया, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसा आचरण विपक्ष के नेता जैसे गरिमामय संवैधानिक पद के अनुरूप नहीं है। उनके मुताबिक राहुल गांधी इस तरह के कृत्यों से अपनी ही छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ललन सिंह ने आगे लिखा कि राहुल गांधी को आत्मचिंतन करना चाहिए, क्योंकि विपक्ष के नेता का पद गंभीर जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए वह इस पद की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।
संजय कुमार झा भी कर चुके हैं आलोचना
इससे पहले जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा भी राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि संसद में चर्चा का अवसर होने के बावजूद सड़क पर प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक विरोध नहीं, बल्कि अराजकता फैलाने का प्रयास है। राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर बिहार में एनडीए के नेताओं के लगातार बयान सामने आने से इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज हो गई है।








