हरियाणा के 12 हजार अतिथि अध्यापकों ने अपनाई गांधीगिरी, सोशल मीडिया पर छेड़ा अभियान

SHARE:

चंडीगढ़
 हरियाणा के सरकारी स्कूलों में करीब दो दशक से सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों ने अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए गांधीगिरी का रास्ता अपनाया है। प्रदेशभर में अतिथि अध्यापकों ने एक साथ इंटरनेट मीडिया पर अभियान चलाकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की सकारात्मक सोच को लेकर हजारों पोस्ट साझा कीं।

अभियान का मकसद सरकार का ध्यान अपनी उस मांग की ओर आकर्षित करना है, जिसके तहत अतिथि अध्यापक खुद को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। प्रदेश में करीब 12 हजार अतिथि अध्यापक लंबे समय से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं।

नियमित करने की उठी मांग
उनका तर्क है कि जब वे लगभग 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं और लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, तो उन्हें भी हरियाणा के सरकारी कालेजों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों की तर्ज पर नियमित किया जाना चाहिए। राज्य सरकार करीब चार हजार कालेज लेक्चरर्स को पक्का कर चुकी है। इसी निर्णय को आधार बनाकर स्कूलों के अतिथि अध्यापक भी अपने लिए समान नीति की उम्मीद लगाए हुए हैं।

अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मुलाकात हो चुकी है। इसके अलावा शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी अतिथि अध्यापकों की मांग के प्रति सकारात्मक रुख जाहिर कर चुके हैं।

पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने बैठक में इस विषय पर अधिकारियों के साथ चर्चा करने का भरोसा दिया था। ऐसे में अतिथि अध्यापकों को उम्मीद है कि सरकार उनकी करीब 20 साल पुरानी सेवा और अनुभव को देखते हुए कोई ठोस रास्ता निकालेगी।

अतिथि शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा विषय
वहीं, विधानसभा में भी विपक्ष की ओर से अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का मुद्दा उठाया जा चुका है। इससे यह मामला अब केवल कर्मचारी संगठनों की मांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और लंबे समय से अस्थायी आधार पर काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा विषय बन गया है।

अतिथि अध्यापकों का ताजा इंटरनेट मीडिया अभियान इसी उम्मीद के साथ चलाया गया है कि सरकार के समक्ष अपनी बात आक्रामक आंदोलन की बजाय सकारात्मक तरीके से रखी जाए। हजारों पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के सकारात्मक रुख को सामने रखते हुए उनसे जल्द निर्णय लेने की अपील की गई है। अब निगाहें सरकार और शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर हैं।

1
Default choosing

Did you like our plugin?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य

शहर चुनें