झज्जर
नहरों को अब टूटने, क्षतिग्रस्त होने और पानी की बर्बादी से बचाने के लिए मजबूत कवच दिया जाएगा। प्रदेश की 106 नहरों के सुदृढ़ीकरण पर 2484.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विश्व बैंक की सहायता से संचालित होने वाली महत्वाकांक्षी ‘जल संरक्षित हरियाणा’ परियोजना के तहत नहरों के कमजोर हिस्सों को मजबूत करने के साथ उनकी जल वहन क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।
इससे नहरों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं पर अंकुश लगेगा और किसानों के खेतों तक नहरी पानी की आपूर्ति अधिक सुचारु हो सकेगी। परियोजना को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने का जिम्मा निजी एजेंसी को सौंपा गया है।
डीपीआर तैयार होने के बाद नहरों पर होने वाले कार्यों की लागत, प्राथमिकता और क्रियान्वयन की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। इसके बाद औपचारिक स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विभाग को उम्मीद है कि इसी वित्त वर्ष में बजट जारी कर दिया जाएगा। ‘जल संरक्षित हरियाणा’ परियोजना का कुल अनुमानित बजट करीब 5714 करोड़ रुपये है।
इसमें विश्व बैंक की ओर से लगभग 4000 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य केवल नहरों की मरम्मत करना नहीं, बल्कि प्रदेश के जल संसाधनों को संरक्षित करने और उपलब्ध पानी का अधिकतम एवं प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। परियोजना के तहत प्रदेश को 15 क्लस्टरों में बांटा गया है।








